कंप्यूटर मेमोरी क्या है और इसके प्रकार (computer memory in hindi)

By | May 1, 2020
memory in hindi

Computer memory in Hindi – कंप्यूटर में मेमोरी का प्रयोग  कंप्यूटर को  स्टार्ट करने तथा Data को संगृहीत करने के लिए होता है. मेमोरी डिवाइस  बाजार में चिप  या हार्ड डिस्क के रूप में आपको मिल जायेंगे .  Memory  का मतलब  हम  Storage Device समझते है , जो मोबाइल और  Computer  में  इस्तेमाल किया जाता है . मेमोरी मशीन को Intelligent बनाने के लिए अवश्यक है .

लेकिन अगर आप अभी तक नही जानते – मेमोरी क्या है ?, Computer Memory के कितने प्रकार होते है, मेमोरी Function के बारे में. आप बिस्तार से जानना चाहते है, तो आप सही जगह पे है.

technicalmiki.in पर  आपको Computer Memory Kya hai और Types of Memory in Hindi में जानने को मिलेगा. Memory से सम्बंधित आपके सभी प्रश्नों का उत्तर आपको आज इस पोस्ट computer memory in Hindi  में मिल जायेगा.

वैसे तो मेमोरी का मतलब याददास्त होता है. जंहा चीजे जमा होती है, और बाद में उसका इस्तेमाल होता है . मशीन के अनुसार मेमोरी का आकार  (साइज़) अलग अलग हो सकता है .  Computer Memory को कुछ प्रकारों में बाँट दिया गया है. 

जिस तरह से मानव मस्तिस्क में Conscious Mind और Unconscious Mind मेमोरी का काम करते है और दोनों अलग अलग है . कुछ इसी प्रकार कंप्मेयूटर मेमोरी  को भी बाँट दिया गया है. चलिये  विस्तार से जानते है –

मेमोरी क्या है – What is Memory in Hindi  

वैसा जगह (Place) या स्थान जंहा पर किसी भी प्रकार की सुचना या जानकारी को कुछ पल के लिए या स्थायी (Permanent) समय के लिये Store करके रखा जा सकता है, Memory कहलाता है.

जैसे Computer Memory या Mobile Memory . दोनों ही device में Memory की भूमिका एक सामान ही होती है.

 

कंप्यूटर मेमोरी क्या है – What is Computer Memory in Hindi 

कंप्यूटर में मेमोरी  का उपयोग डाटा, प्रोग्राम और अनुदेशों को स्थायी तौर पर Store करने के लिए किया जाता है. ताकि Processing के दौरान या बाद में आवश्यकतानुसार उनका उपयोग किया जा सके. Computer Memory का प्रयोग Processing के बाद प्राप्त परिणामो को Store करने के लिए भी किया जाता है. इस तरत Memory Computer का एक महत्वपूर्ण भाग है.

 

मेमोरी का वर्गीकरण – Classification of Computer memory in Hindi

जिस तरह से मानव मस्तिस्क की मेमोरी को दो भागो में बाँटा गया है, Conscious Mind और Unconscious Mind . ठीक उसी प्रकार Computer Memory को भी दो भागो में बाँटा गया है –

  1. Primary Memory – प्राथमिक मेमोरी या मुख्य मेमोरी
  2. Secondary Memory  – द्वितीयक या सहायक मेमोरी

 

Primary Memory – प्राथमिक मेमोरी या मुख्य मेमोरी

Primary Memory  वह Memory Unit है, जिसका सीधा संपर्क CPU से रहता है. तथा हर समय कंप्यूटर से जुड़ा रहता है, प्राथमिक या मुख्य मेमोरी कहलाता है.

प्राथमिक मेमोरी की गति तीव्र होती है, पर इसकी स्टोरेज क्षमता सीमित होती है. प्राथमिक मेमोरी सामान्यत: अस्थायी मेमोरी है.

Primary Memory Ex. – Register , Cache memory , ROM  and RAM  

Register मेमोरी और Cache Memory, CPU के अन्दर होते है, जबकी RAM और ROM कंप्यूटर Motherboard में लगे होते है .

प्राथमिक मेमोरी मुख्यत: इलेक्ट्रॉनिक या सेमीकंडक्टर मेमोरी होती है, इनमे IC का प्रयोग किया जाता है. IC (Integrated Circuit) Silicon Chip के बने होते है.

 

RAM (रेम) – What is random Access Memory in Hindi

RAM का पूरा नाम RANDOM ACCESS MEMORY है. रेम Microchip से बना एक तीव्र Semiconductor Memory है इसमे Data Access Time  डाटा की Physical Condition पर निर्भर नही करता है. रेम में सूचनाओ को क्रमानुसार न पढ़कर अपने पसंद की सूचना को पढ़ा जा सकता है.

यह एक अस्थाई मेमोरी (temporary memory) है, जहाँ डाटा ओर सूचनाओ को Temporary तौर पर रखा जाता है. इसमें Store सूचनाओ को बदला जा सकता है.

कंप्यूटर की पॉवरसप्लाई बंद कर देने पर या बिजली चली जाने पर RAM  में Store डाटा ख़त्म हो जाता है.

जब Computer को Start किया जाता है, तब Processing से पहले डाटा तथा अनुदेश Secondary Memory से आकर RAM में स्टोर होता है. सीपीयू (CPU) रैम से ही Data प्राप्त करता है

आजकल बाजार में 512 MB , 1 GB , 2 GB , 4 GB तथा 8 GB क्षमता के RAM उपलब्ध है. Motherboard  के खाली Slot में Extra RAM  लगाकर मेमोरी की क्षमता बढ़ायी जा सकती है.

 

रैम को मुख्यत: दो भागो में बाटा जाता है – (Types of RAM – memory of computer in Hindi )

  1. DYNAMIC RAM (डायनॉमिक रैम)
  2. STATIC RAM (स्टैटिक रैम)

 

ROM (रोम) –Read Only Memory 

ROM का full form- Read Only memory  है. ROM एक स्थाई  Electronic Memory है जिसमे Store डाटा व सुचनाए स्वयं नष्ट नही होती है. तथा उन्हें बदला नही जा सकता. ROM में सुचनाए निर्माण के समय ही भर दी जाती है. कंप्यूटर इन्हें केवल पढ़ सकता है, इनमे परिवर्तन नही कर सकता.

कंप्यूटर की सप्लाई बंद कर देने पर या बिजली चली जाने पर ROM में डाली गयी सुचनाए नही बदलती ये सूचनाये हमेशा बनी रहती है.

रोम में कंप्यूटर को स्टार्ट करने की लिए आयाश्यक सूचना जैसे Instructions Set तथा System Boot Program स्टोर किया जाता है. रोम में BIOS (Basic Input Output System) होता है, जो कंप्यूटर चालू करने पर एक आवाज जिसे हम beep कहते है देता है . इसे Power on self test कहते है.

रोम का निर्माण सेमीकंडक्टर डिवाइस से किया जाता है अंत: इसे इलेक्ट्रिनिक या सेमीकंडक्टर मेमोरी भी कहा जाता है.

 

ROM  को मुख्यत: तीन भागो में बाटा जाता है – (Types of ROM)

1. PROM (Programmable Read Only Memory) – यह एक विशेष प्रकार का रोम है जिसमे एक विशेष प्रक्रिया द्वारा उपयोगकर्ता के अनुकूल डाटा को प्रोग्राम किया जा सकता है. PROM  में हजारो डायोस होते है जिन्हें उच्च वोल्टेज से फ्यूज कर वांछित सूचना रिकॉर्ड की जाती है. एक बार प्रोग्राम कर दिए जाने के बाद यह सामान्य रोम की तरह व्यवहार करता है.

2. EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory) – इस प्रकार के रोम पर Ultra violet  rays की सहायता से पुराने प्रोग्राम को हटाकर नया Program लिखा जा सकता है.

3. EEPROM (Electrical Erasable Programmable Read Only Memory)  – इस तरह के रोम को सर्किट से निकले बिना इस पर उच्च विद्युत् विभव की सहायता से पुराने प्रोग्राम को हटाकर नया प्रोग्राम लिखा जा सकता है. market में आनेवाले  सभी कंप्यूटर में आजकल EEPROM का  प्रयोग हो रहा है.

 

Secondary Memory  – द्वितीयक या सहायक मेमोरी

Secondary Memory का प्रयोग Data को Permanent रूप से store करने के लिये किया जाता है. इसे Permanent Storage memory या Permanent Memory भी कहा जाता है. यह साधारणत: कंप्यूटर सिस्टम के बहार स्थित होता है. इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग असीमित होती है, परन्तु डाटा ट्रांसफर की गति धीमी होती है.

इसका प्रयोग मुख्यतः बैकअप डाटा को स्टोरेज करने के लिए किया जाता है

Computer में उपयोग होने वाले सभी Software Secondary Memory में ही Store किये जाते है. Operating Software भी Secondary memory में ही Install किया जाता है.

computer main storage memory के रूप में Hard disk drive (HDD) का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी स्टोरेज Capacity बहुत अधिक होती है परन्तु डाटा को प्राप्त करने में लगा समय अधिक होता है.

Secondary Memory Ex. – HDD , FDD , Magnetic tape, Pen Drive and Optical disc (CD, DVD, and Blu-ray disk) etc .

 

स्थायी या अस्थायी मेमोरी में अंतर – (Difference between Volatile and non Volatile  Memory)

वह Memory यूनिट जिसमे विद्युत् सप्लाई बंद हो जाने पर भी डाटा बना रहता है. स्थिर या स्थाई मेमोरी (Non Volatile memory) कहलाता है. परन्तु , जिस मेमोरी यूनिट में विद्युत् सप्लाई बंद हो जाने पर Storage Data, Delete  हो जाता है अस्थिर या अस्थाई मेमोरी ( Volatile memory) कहलाता है.

सामान्यत: प्राथमिक मेमोरी (Primary memory) अस्थायी होता है, जबकि Secondary memory  स्थायी मेमोरी (non volatile) होता है.

लेकिन ROM इसका अपवाद है जो एक स्थायी प्राथमिक मेमोरी है. क्योकि इसमे Store Information विद्युत् सप्लाई बंद होने पर भी Change  नहीं  होती.

 

क्या आप जानते है – About Computer Memory in Hindi)

फ्लेश मेमोरी क्या है ? ( What is Flash Computer Memory in Hindi)

आज कल Secondary Memory के रूप EEPROM  का उपयोग बढ़ गया है. इसे फ्लेश मेमोरी भी कहा जाता है. पेन ड्राइव (Pen Drive) इसका अच्छा उदहारण है.

Flash मेमोरी का प्रयोग अनेक आधुनिक Device जैसे – Digital Camera, Laptop, Smartphone, Mobile phone , आदि में किया जा रहा है. यह एक सस्ती Device है तथा इसमे विषम परिस्थितियों में भी डाटा को सुरक्षित रखने की क्षमता है.

फ्लेश मेमोरी एक पोर्टेबल सेमीकंडक्टर मेमोरी है जिसमे रोम तथा रेम दोनों की विशेषताए मौजूद होती  है.

 

कैश मेमोरी – About Computer Cache memory in Hindi

Computer memory से डाटा प्राप्त करने की गति CPU के डाटा Process करने की गति से काफी धीमी होती है. Memory प्रोसेसर के बीच इस गति अवरोध को दूर करने के लिए कैश मेमोरी (Cache memory) का प्रयोग किया जाता है.

यह प्राथमिक मेमोरी और सीपीयू के बीच एक अत्यंत तीव्र मेमोरी (Fast memory) है. जहा बार बार प्रयोग में आने वाले डाटा और निर्देश Store किया जाता है. कैश मेमोरी की गति तीव्र होने के कारन प्रोसेसर की गति में वृद्धि होती है.

 कैश मेमोरी  CPU के अन्दर मोजूद होता है. कैश मेमोरी से CPU तक सुचना लाने ले जाने के लिए कंप्यूटर मदरबोर्ड के System Bus  का प्रयोग नही करना पड़ता इसीलिए इसकी गति तेज होती है.

कैश मेमोरी सीपीयू तथा Primary memory के बीच Buffer  का काम करता है. सामान्यत कंप्यूटर में प्रयुक्त कैश मेमोरी का आकार 256 KB से 4 MB तक हो सकता है.

 

सिक्वेंसियल एक्सेस मेमोरी

यदि किसी मेमोरी के डाटा को Serially  एक के बाद एक कर ही पढ़ा जा सकता है, तो उसे सिक्वेंसियल एक्सेस मेमोरी कहते है मेग्नेटिक टेप सिक्वेंसियल एक्सेस मेमोरी का उदहारण है.

 

स्टैटिक रैम

स्टैटिक रैम में कंप्यूटर की सप्लाईबंद कर देने पर भी संग्रहित डाटा अगली बार कंप्यूटर ऑन होने तक सुरक्षित रहता है.

 

डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी – Direct Access Computer memory in Hindi

Magnetic disk या Optical disk में किसी भी लोकेशन पर स्थित डाटा को पढने या डाटा स्टोर करने में लगा समय बराबर तो नही होता, पर लगभग एक समान है. इसमें किसी भी लोकेशन तक सीधे पहुंचा जा सकता है.

अंत: इन्हें डायरेक्ट मेमोरी कहा जाता है. HDD , FDD , CD, DVD, and Blu-ray disk इसके उदाहरण है.

> कंप्यूटर क्या है ?

Conclusion 

कंप्यूटर मेमोरी क्या है और कंप्यूटर में इसकी भूमिका सहित Computer memory in Hindi में आपके सब्भी प्रश्नों के उत्तर मिल गए होंगे. अगर सुधार  की कोई जरुरत हो तो हमें कमेंट करके जरुर बताये. दोस्तों हमने कोशिश की है, की मेमोरी से सम्बंधित सभी जानकारी आपको मिल सके .

आशा है आपको ये पोस्ट Computer memory in hindi जरुर पसंद आया होगा . और मुझे विश्वास है आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और करीबी रिश्तेदारों के साथ जरुर share करेंगे.   (धन्यवाद)

22 thoughts on “कंप्यूटर मेमोरी क्या है और इसके प्रकार (computer memory in hindi)

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