इंटरनेट क्या है और इसका विकास (Internet kya hai in Hindi)

By | May 15, 2020
internet kya hai

“Internet kya hai”  (what is internet in hindi) – इंटरनेट हमारे सभी सवालों का जवाब है  और खुद भी एक सवाल है. इसके बिषय में जितना जानेंगे उतना कम ही लगेगा , क्योकि इंटरनेट ने हमारे दैनिक दिनचरिया  में इस प्रकार अपनी जगह बना ली है, की उठते बैठते , सोते जागते इंटरनेट use करना ही है .  Smart Phone लेकर बैठे हुवे लोग आपको हर जगह मिल जायेंगे.

आज चाहे किसी भी चीज के बारे में जानना हो तो लोग Internet का ही नाम लेंगे. सच में इंटरनेट हमारे लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहा है. Internet के बढ़ते उपयोग के कारण ही आधुनिक युग को ‘संचार क्रांति’ का युग भी कहा जाता है.

इंटरनेट का उपयोग आज दुनिया की लगभग आधी आबादी करती है, और अगर आप अभी तक  नही  जानते है की इंटरनेट क्या है, इंटरनेट का विकास कैसे हुवा और इंटरनेट का मालिक कौन  है.

तो चलिये आज के इस पोस्ट internet kya hai में जानते है, internet के नियम और इन्टरनेट से सम्बंधित छोटी छोटी बातो को   विस्तार से. आपके बहुत सारे प्रश्नों के जवाब आपको इस पोस्ट में मिल जायेंगे, जो आपके लिए उपयोगी होंगे .

इन्टरनेट क्या है (What is Internet in Hindi)

Internet kya hai – इंटरनेट  International Networking का संक्षिप्त रूप है. इंटरनेट  दुनिया भर में फैले हुए अनेक छोटे बड़े Computer Network  के विभिन्न संचार माध्यमो द्वारा आपस में जुड़ने से बना विशाल व विश्व व्यापी  जाल (Global Network ) है. जो समान नियमो (Protocols) का अनुपालन कर एक – दुसरे से संपर्क स्थापित करते है तथा Information का आदान प्रदान संभव बनाते है.

इंटरनेट नेटवर्को का Network है. यह दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो दुनियाभर में फैले व्यक्तिगत, सार्वजानिक, शैक्षिक, व्यापार तथा सरकारी नेटवर्को के आपस में जुड़ने से बनता है. इंटरनेट को हम आधुनिक युग के संदेशवाहक की संज्ञा भी दे सकते है.

इस तकनीक का प्रयोग कर हम किसी भी Information, जिसमे Data,Text, Audio, Video, Graph तथा Image शामिल है, को पलक झपकते ही World के किसी भी कोने में भेज सकते है.

internet के जरिये हम Internet Network से जुड़े कंप्यूटरों में राखी गयी विशाल सूचनाओ से मनचाहा सुचना प्राप्त कर सकते है.

इंटरनेट का विकास (Develompment of Internet in hindi)

प्रो. जे. सी. लिक्लाइडर (J.C.Licklider) को internet का जनक कहा जाता है. इन्होने ही सर्व प्रथम 1962 में इन्टरनेट की स्थापना का विचार दुनिया को दिया था.

इंटरनेट की शुरुवात

  • सर्व प्रथम इन्टरनेट का इस्तेमाल 1969 ई. में अमेरिका में “ARPANET – Advanced Research Project”  के लिये  किया गया था . ARPANET को दुनिया का पहला Network कहा जाता है.
  • ARPANET का प्रयोग रक्षा विभाग में Rearch & Devlopment  के लिये किया गया. 1989 में इन्टरनेट को  आम  जनता के लिए खोल दिया गया.
  • 1989 में टिम बर्नर्स ली (Tim Berners Lee) ने हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (HTML) का विकास किया.
  • इंग्लेंड के वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली द्वारा 1989 ई. में वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के बारे में दुनिया को बताया   था. इसी कारण टिम बर्नर्स ली को वर्ल्ड वाइड वेब का जनक ( Father of World Wide Web) कहा जाता है. वर्ल्ड वाइड वेब पर हाईपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (http) तथा टीसीपी/ आईपी (TCP/IP) के द्विस्तरीय नियमो (Protocols) का इस्तेमाल किया जाता है.
  • 6 अगस्त 1991 को वर्ल्ड वाइड वेब का पहली बार प्रयोग किया गया था.
  • मार्क एंडरसन (Marc Andreessen) ने 1993 में पहला ग्राफिकल वेब ब्राउसर (web-browser) Mosaic का विकास किया था.
  • 1993 ई. में CERN – European Orgnization for Nuclear Recearch  ने वर्ल्ड वाइड वेब को नि:शुल्क उपयोग के लिए उपलब्ध कराया.
  • 1994 ई. में Internet में इस्तेमाल होने वाले मनको तथा Protocol के विकास के लिए World wide web – W3C (वर्ल्ड वाइड वेब संघ) की स्थापना की गयी.
  • 15 अगस्त 1995 ई. को विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) द्वारा भारत में Internet सेवा का प्रारंभ किया गया.

इंटरनेट का मालिक कौन है

Internet Information System वस्तुत: किसी व्यक्ति या संस्था (Organization) के नियंत्रण से परे है. क्योकि Internet अनेक छोटे बड़े Computer Network के आपस में जुड़ने से बनता है, अंत: इंटरनेट पर अनेक संस्थानों, निगमों, सरकारी उपक्रमों, शिक्षण संस्थाओ, व्यक्तिगत संस्थानों तथा विभिन्न सेवा प्रदाताओ का थोडा थोडा स्वामित्व रहता है. इसलिए इंटरनेट का मालिक किसी एक को नही कहा जा सकता.

इंटरनेट की कार्य प्रणाली की देखरेख करने तथा उनके अंतर्राष्टीय मानक (International standard) निर्धारित करने का कार्य, स्वैच्छिक अंतर्राष्टीय संस्थाए करती है.

कुछ अंतर्राष्टीय संस्थाए है – (International organizations)

  1. ISOC (Internet Society) – यह एक गैर लाभकारी अंतर्राष्टीय संसथान है जिसका गठन 1992 में इन्टरनेट से सम्बंधित मानको, प्रोटोकॉल तथा नीतियों का विकास करने और लोगो को इस सम्बन्ध में शिक्षित बनाने के लिए किया गया है.
  2. IAB (Internet Architecture Board) – यह Organization ISOC द्वारा निर्धारित नियमो के तहत इन्टरनेट के लिए आवश्यक Technic और इंजीनियरिंग विकास (Engineering development) का कार्य करता है.
  3. ICANN  – 1998 ई. में स्थापित ‘Internet Corporation for Assigned Names & Numbers’ यह संगठन Internet पर IP Address तथा Domain Name प्रदान करने तथा उसके मानको के निर्धारित का कार्य करता है.
  4. DNR (Domain Name Registrars) – कुछ Non Government संस्थाए ICANN द्वारा निर्धारित मानको के अनुसार इन्टरनेट के प्रयोग के लिए Domain Name प्रदान करती है. जिन्हें डोमेन नेम रजिस्ट्रार (Domain Name Registrars) कहा जाता है.

विभिन्न डोमेन नेम रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करते है की प्रत्येक व्यक्ति या Organization को इन्टरनेट पर एक  विशेष डोमेन नेम प्रदान             किया जाए. डोमेन नेम रजिस्ट्रार का निर्धारण ICANN या CCTLD (Country Code           Top Level Domain) द्वारा किया जाता             है.

  1. IRTF (Internet Research Task Force) – यह Organization, Future में इन्टरनेट की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु Exploration व Search को बढ़ावा देता है.
  2. IETF (Internet Engineering Task Force) – इन्टरनेट मानको का विकास करना व उनके उपयोग को प्रोत्साहित करना इस संस्थान का उद्देश्य है.
  3. W3C  –   एक अंतराष्ट्रीय संस्था है जो वर्ल्ड वाइड वेब (www) के जनक टिम बर्नर्स ली के नेतृत्व में काम करती है. Word wide web Consortium इसका गठन 1994 में किया गया. यह संस्था वर्ल्ड वाइड वेब (www) के प्रयोग के लिए मानको का निर्धारित करती है

इंटरनेट कैसे कार्य करता है – Internet kya hai 

World के अनेक छोटे बड़े Computer Networks के विभिन्न संचार माध्यमो जैसे – Router , Switch, Hub से आपस में जुडने से इन्टरनेट का निर्माण होता है.

इन्टरनेट Server Client Model पर काम करता है.  Internet से जुड़ा प्रत्येक Computer एक Server से जुडा होता है, तथा World के सभी Server विभिन्न संचार माध्यमो द्वारा आपस में जुड़े होते है.

Server ही अपने से जुडे Client Computer को Information या Data उपलब्ध कराता है. यदि Client Computer द्वारा मांगी गयी सुचना उस सर्वर के पास उपलब्ध नही है, तो Internet उस सर्वर को ढूंढ़ता है, जहाँ सुचना उपलब्ध है. तथा उस सर्वर से सुचना उपलब्ध करता है. google इसका उदहारण है, google.com एक server Computer है.

इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटरो के बीच Data का आदान प्रदान होने के लिए यह आवश्यक है, कि सभी Network एक समान नियमो या प्रोटोकॉल का उपयोग करें. Open Architec Network  द्वारा TCP/IP (Transmission Control Protocol / Internet Protocol) से सूचनाओ का आदान प्रदान होता है.

Internet में सूचनाओ के आदान प्रदान Packet Switching के जरिये होता है. जिसमे Information बंडल (Packet) बनकर एक स्थान से दुसरे स्थान तक जाता है. इस कारण, एक ही संचार माध्यम का उपयोग विभिन्न Users द्वारा किया जा सकता है. इससे दुनियाभर के कंप्यूटर एक दुसरे से सीधे जुड़े बिना भी सूचनाओ का आदान प्रदान कर सकते है.

इन्टरनेट कैसे प्राप्त करे (How to Achive Internet in hindi)

किसी कंप्यूटर को इन्टरनेट से जोड़ने के लिए हमें इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) की सेवा लेनी पड़ती है. Teliphone Line ,Mobile SIM Card या Wireless Technology द्वारा कंप्यूटर को इंटरनेट सेवा प्रदाता (Internet Service Provider) के सर्वर से जोड़ा जाता है. इसके लिए हमें इंटरनेट सेवा प्रदाता को कुछ शुल्क भी देना पड़ता है.

भारत के कुछ Internet Service Provider है –

  • BSNL
  • AIRTEL
  • JIO
  • IDEA etc.

इंटरनेट से कैसे जुड़े  (How to Connect Internet in Hindi)

किसी व्यक्ति द्वारा Internet से जुड़ने के लिए निम्नलिखित Hardware and Software की आवश्यकता होती है –

  1. PC (पर्सनल कंप्यूटर) – Personal Computer
  2. मॉडेम या नेटवर्क इंटरफेस कार्ड – Modem or NIC Card
  3. संचार माध्यम – टेलेफोन लाइन या विशेषीकृत लाइन या वायरलेस तकनीक आदि
  4. स्मार्ट फ़ोन – Smart Phone
  5. वेब ब्राउसर सॉफ्टवेर – Web Browser Software (Crome, Monzila, Opera, Safari etc.)
  6. इन्टरनेट सर्विस प्रदाता (ISP)

इंटरनेट सेवा प्रदाता  (Internet Service Provider kya hai )

Internet सेवा प्रदाता (ISP) वे संस्थाए है, जो व्यक्तियों और संस्थानों को इंटरनेट से जुड़ने का माध्यम और उससे संबंधित सेवाए प्रदान करते है. इंटरनेट सेवा प्रदाता का कंप्यूटर Server Computer तथा उपयोगकर्ता (Users) का कंप्यूटर Client Computer कहलाता है.

ISP  को निर्धारित शुल्क देकर Internet ID, User Name तथा Password प्राप्त किया जाता है. User Name इन्टरनेट से जुड़ने के लिए तथा Password सुरक्षा के लिए होता है. ISP द्वारा Internet से जुड़े सभी कंप्यूटरों को एक विशेष आई पी एड्रेस (IP Address) प्रदान किया जाता है, जो उस कंप्यूटर की पहचान ID होती है.

ISP दो प्रकार के IP Address प्रदान करती है. स्थायी IP Address को static IP Address तथा हर बार बदलने वाले IP Address को Dynamic IP Address कहा जाता है.

इंटरनेट सेवा प्रदाता उपयोगकर्ता और विभिन्न Computer Network से जुड़ने के लिए कई संचार माध्यमो का उपयोग करता है.

प्रोटोकॉल किसे कहते है  (what is Protocol)

नियमो तथा प्रतिमानों के समूह को प्रोटोकॉल (Protocol) कहा जाता है. जिस तरह हमारे दैनिक जीवन में हमें कई नियमो को follow करना होता है. जैसे – रोड में लगे सिग्नल की Red Light का मतलब रुकना और Green Light का मतलब आगे बढ़ना होता है. और हम इस नियम को Follow करते हुवे आगे बढ़ते है, उसी तरह Internet में data कई नियम (Protocol) को Follow करके आगे जाता है.

इंटरनेट पर प्रयुक्त प्रोटोकॉल – किसी भी नेटवर्क में दो या दो अधिक से कंप्यूटरो के बीच सूचनाओ की त्रुटी रहित आदान प्रदान को संभव बनाता है.

कंप्यूटर नेटवर्क में प्रयोग किये जाने वाले प्रचलित प्रोटोकॉल है –

  1. TCP/IP – ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल / इन्टरनेट प्रोटोकॉल
  2. SMTP – एस एम टी पी (सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल)
  3. HTTP – एच टी टी पी (हाईपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल)
  4. FTP – एफ टी पी (फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल)
  5. Gopher – गोफर
  6. Telnet –  टेलीनेट

 

वर्ल्ड वाइड वेब क्या है ? ( what is www | internet in hindi)

वर्ल्ड वाइड वेब (world wide web) Internet पर उपलब्ध सबसे उपयोगी और महत्वपूर्ण सेवा है. www पर लाखो वेब पेज Document आपस में Hyper Link द्वारा जुड़े होते है, जो www को सुचनावो का एक विशाल समूह बनाते है. www इंटरनेट पर Information के आदान प्रदान को आसान बनता है. वर्ल्ड वाइड वेब पर संग्रहित प्रत्येक पेज web page कहलाता है. HTTP वर्ल्ड वाइड वेब में अहम् भूमिका निभाता है.

इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस क्या है  (what is IP Address on Internet Hindi)

IP Address इंटरनेट से जुड़े प्रत्येक Computer या उपकरण की ISP द्वारा Provide की गयी एक विशेष अंकीय पता (ID) होती है. जो इंटरनेट से जुड़ने में सहायता करती है.

डोमेन नेम सिस्टम क्या है ( What is domain name system )

domain name system में सभी Domain name तथा संबंधित IP Address का संग्रह होता है. डोमेन नेम सिस्टम संख्यावो से बने IP Address को शब्दों में बदलता है, तथा शब्दों वाले डोमेन नेम को अंको वाले IP Address बदलता है. जो उपयोग में आसन होता है.

वेब ब्राउसर क्या है  (Internet web browser kya hai )

web browser एक Computer Application Software है, जो www में उपलब्ध पेज तक पहुच बनाने में मदत करता है. वेब ब्राउज़र के बिना internet का उपयोग नही किया जा सकता. ये पब पेज को खोलने का माध्यम है. web browser के help से ही आप इस पोस्ट what is Internet in hindi को पढ़ रहे है.

कुछ Famouse वेब ब्राउज़र है –

  1. Google Chrome
  2. Apple’s Safari
  3. Opera
  4. Monzilla firefox
  5. Internet Explorer

सर्च इंजन क्या है 

search Engine, वर्ल्ड वाइड वेब में मोजूद अथाह सुचनावो के भंडार से सुचनावो को खोजने का कार्य करता है. सर्च इंजन वेब पर उपलब्ध सभी वेब पेज की सूची (index) बनाकर रखता है.

web browser में जब हम कोई text टाइप कर enter करते है, तो search engine सम्बंधित वेब पेज की सूची उपलब्ध करता है. google एक सर्च इंजन है.

इंटरनेट का उपयोग  (Internet का उपयोग kya hai )

  1. वर्ल्ड वाइड वेब (www)
  2. E-mail (इलेक्ट्रोनिक मेल)
  3. Social Networking (Facebook, Twiter, WhatsApp, Instagram, Blog, youtube)
  4. Remote Computing या Telnet
  5. इंस्टेंट मैसेजिंग
  6. File downloading & Uploading
  7. Chating & Audio Video call / Conferencing
  8. Internet Calling (टेलीफोनी)
  9. IPTV (इन्टरनेट प्रोटोकॉल टेलीवीजन)
  10. e-commerce (ई कॉमर्स)
  11. शिक्षा और अनुसंधान (Education and Research)
  12. मनोरंजन इत्यादि. (Entertainment)

इंटरनेट के लाभ – Internet kya hai 

  1. Internet के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में आसानी से संपर्क बनाया जा सकता है.
  2. सभी तरह के परीक्षाये Online ली जा सकती है.
  3. Blog web site बनाये जा सकते है
  4. इंटरनेट के जरिये Money Transfer आसानी से किया जा सकता है.
  5. Online पढने की लिए इंटरनेट का उपयोग किया जा सकता है.
  6. video calling और Chating के लिये.
  7. सुचनावो को ढूंढने के लिये . इत्यादी बहुत सारे लाभ इंटरनेट से लिया जा सकता है.

Conclusion

दोस्तों  अब तो आप समझ ही गए होंगे Internet kya hai in hindi में . उम्मीद है आपके सभी प्रश्नों के जवाब आपको इस पोस्ट Internet in hindi में मिल गये होंगे. और आपने Internet से सम्बंधित छोटी छोटी बातो को भी note किया होगा.

दोस्तों हमने  कोशिश की थी की, आपको इस पोस्ट Internet kya hai के माध्यम से इंटरनेट से सम्बंधित सभी बातो को आपके सामने प्रस्तुत की जाये . यदि इस  पोस्ट में किसी बदलाव की आवश्यकता हो या और अधिक जानकारी की जरुरत हो तो कृपया हमें comment के माध्यम से बताये.

आपके Comment से मुझे बहुत ख़ुशी होगी . दोस्तों अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगा हो तो कृपया इस पोस्ट को Social media के माध्यम से जरुर share करे .  (धन्यवाद )

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