Output Device Kya hai (आउटपुट डिवाइस क्या है )

By | April 25, 2020

नमस्कार दोस्तों आज हम Output device क्या है और इसके प्रकारों के बारे में जानेंगे . कंप्यूटर से प्राप्त होने वाली डाटा जो की आवाज (voice), लिखित (text) या कागज  के रूप में होती है, जिस डिवाइस  के जरिये प्राप्त होती है उन्हें ही Output Device कहा जाता है.

Technical रूप से कहे तो वो device जो किसी भी तरह के डाटा का Soft और Hard कॉपी देता है उसे Output Device कहते है. इसे किस पोर्ट से जोड़ा जाता है और Output Device के Port क्या होते है, इसके प्रमुख भागो के बारे में जानेंगे .

Output Device Kya Hai ? (आउटपुट डिवाइस क्या है ?)  

Output Device आउटपुट डिवाइस एक विधुत यांत्रिक युक्ति (Electrical mechanical device ) है, जो कंप्यूटर द्वारा प्रोसेस किया गये इनपुट किये गए डाटा या  बाइनरी डाटा लेकर  उसे उपयोगकर्ता (User) के लिए उपर्युक्त डाटा (Meaningfull Information) में बदलकर प्रस्तुत करता है, आउटपुट डिवाइस कहलाता है. आउटपुट डिवाइस द्वारा हम डाटा या परिणाम को देख सकते है, सुन सकते है और  प्रिंट ले सकते है. Moniter , speaker , Printer सबसे ज्यादा प्रचलित Output Device है.

आउटपुट के कुछ प्रकार 

आउटपुट का मतलब बाहर होता है  , बाहर प्राप्त होना या बाहर ही रखना . कंप्यूटर आउटपुट को दो भागो में बांटा गया है –  सॉफ्ट कॉपी आउटपुट तथा हार्ड कॉपी आउटपुट

सॉफ्ट कॉपी आउटपुट (Soft Copy Output) – यह एक अस्थायी आउटपुट है जिसे हम छू नही सकते है. Soft Copy Output   डिजिटल रूप में होता है जिसे  कंप्यूटर पर उचित सॉफ्टवेर के बिना पढ़ और  देख नही सकते. सॉफ्ट कॉपी आउटपुट को इलेक्ट्रोनिक मेमोरी में स्टोर किया जाता है तथा नेटवर्क पर एक स्थान से दुसरे स्थान तक भेजा जा सकता है. सॉफ्ट कॉपी आउटपुट में परिवर्तन करना आसन होता है. इसमें कागज तथा स्याही की बचत होती है. Monitor  तथा Speaker द्वारा प्राप्त  Output  सॉफ्ट कॉपी आउटपुट के ही  उदाहरण है.

हार्ड कॉपी आउटपुट (Hard Copy Output)  – कागज पर छपकर प्राप्त होने वाला  स्थायी परिणाम है, जिसे हम छू सकते है. हार्ड कॉपी आउटपुट को कंप्यूटर तथा सॉफ्टवेर के बिना भी देखा व पढ़ा जा सकता है. इसमें परिवर्तन करना भी आसान नही होता. Printer  या Plotter  द्वारा प्राप्त  आउटपुट Hard Copy Output  के उदाहरण है.

 

आउटपुट डिवाइस के प्रकार (Types of Output Device)

कंप्यूटर के इनपुट डाटा के परिणाम को जिस प्रमुख आउटपुट डिवाइस – Output Devices के जरिये देखा , सुना और छुवा जा सकता है.

कुछ प्रमुख Output device

  • मॉनिटर
  • प्रिंटर
  • प्लॉटर
  • स्पीकर
  • कार्ड रीडर
  • टेप रीडर
  • स्क्रीन इमेज प्रोजेक्टर

 

output device

मॉनिटर (Monitor)

यह सॉफ्ट कॉपी प्रदान करने वाला लोकप्रिय आउटपुट डिवाइस (Output Device) है जो डाटा और सूचनाओ को चित्र (Image) , Document तथा विडियो आउटपुट (video output) के रूप में प्रदर्शित करता है. कंप्यूटर पर किये जाने वाले प्रत्येक कार्य की सूचनावो को दिखता है .  यह TV के जेसा होता है जो हम Movies और Serial  या News देखने के लिए Use करते है

मॉनिटर का वर्गीकरण

डिस्प्ले (Display)  किए गए रंग और Resulation के आधार पर मॉनिटर के तीन प्रकार हो सकते है

1. मोनोक्रोम मॉनिटर (Monocrome Monitor)

यह मॉनिटर दो रंग में डिस्प्ले प्रदर्शित करता है.  मॉनिटर के Screen  में एक Single Color होता है जबकि सामने दिखने वाले ऑब्जेक्ट या image  का रंग दूसरा होता है.

2. ग्रे स्केल मॉनिटर (Gray Scale Monitor)

यह मोनोक्रोम मॉनिटर का ही एक रूप है जिसमे Black & white  रंगों के मिश्रण से कई शेड Display  किये जाते है.

3. कलर मॉनिटर (Color Monitor)

इसमें तीन मूल रंग – लाल, हरा और नीला (RGB) का प्रयोग किया जाता है तथा इनके मिश्रण से अन्य रंग प्रदर्शित किये जाते है. इसे RGB (Red Green Blue) मॉनिटर भी कहा जाता है यह 16, 32 या 256 रंगों में डिस्प्ले प्रदर्शित करता हैं

कंप्यूटर में Color Monitor को प्राथमिकता दी जाती है , और इसके भी तीन प्रकार होते है. CRT Monitor , LCD Monitor तथा LED Monitor जो कंप्यूटर की प्रमुख Output Device है.

color monitor

प्रिंटर (Printer)

प्रिंटर एक लोकप्रिय Output Device है जो कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित Soft Copy Output Data या Image  को कागज पर उतारता है. यह Hard Copy या स्थायी प्रति प्रदान करने वाला आउटपुट डिवाइस (Output Device) है. इसका प्रयोग Text , Image (चित्र) का पेपर आउटपुट प्राप्त करने के लिए किया जाता है.

प्रिंटर की गुणवत्ता उसके रिजोल्यूशन से जानी जाती है. यह एक वर्ग इंच में स्थित डॉट की संख्या बताता है जिसे DPI (Dots per Inch) कहते है. प्रिंटर को सिस्टम यूनिट के पैरोलेल पोर्ट, सीरियल पोर्ट तथा USB Port से जोड़ा जाता है.

Technical रूप से प्रिंटर को दो भागो में बाँटा गया है – Impact Printer और Non Impact Printer

प्लॉटर (Plotter)

यह प्रिंटर की तरह हार्ड कॉपी देने वाला एक Output Device है. जिसका उपयोग बड़े कागज पर उच्च गुणवत्ता वाले रेखाचित्र (Images) व ग्राफ (Graph)  प्राप्त करने के लिए किया जाता है. इसका उपयोग मुख्यतः इंजीनियरिंग, वास्तुविद, भवन निर्माण, सिटी प्लानिंग, मानचित्र (map) बनाने, CAD  (Computer Aided Design), CAM (Computer Aided Manufacturing) आदि में किया जाता है.

प्लॉटर के दो मुख्य प्रकार उपलब्ध है – ड्रम प्लॉटर (Drum Plotter) और समतल प्लॉटर

plotter-output device

स्पीकर (Speaker)

Speaker एक Output Device है जिसका प्रयोग मल्टीमीडिया (Multimedia) के साथ किया जाता है. Speaker  ध्वनि के रूप में आउटपुट की सॉफ्ट कॉपी प्रस्तुत करता है. इसके लिए सिस्टम यूनिट में साउंड कार्ड का होना जरुरी है. स्पीकर Sound Card से प्राप्त विधुत तरंगो को ध्वनि तरंगो में बदलता है.

कंप्यूटर सिस्टम यूनिट के भीतर एक छोटा स्पीकर होता है जिसे बिल्ट इन स्पीकर कहते है. मल्टीमीडिया के लिए बाहर से जोड़े गए स्पीकर को external Speaker या मल्टीमीडिया स्पीकर कहते है. इसमें एक एम्प्लिफायर तथा आवाज घटाने बढ़ाने के लिए वॉल्यूम कंट्रोल का नोब होता है स्पीकर को 3.5 mm स्टीरियो फोन कनेक्टर द्वारा साउंड कार्ड से जोड़ा जाता है. स्टीरियो साउंड प्राप्त करने के लिए एक समान के दो स्पीकर का प्रयोग किया जाता है.

हेडफोन : हेडफोन स्पीकर के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले दो छोटे स्पीकर है जिन्हें कान के काफी पास लगाकर रखा जाता है. .अंत: इन्हें इयरफोन भी कहा जाता है. इसका प्रयोग एक व्यक्ति के लिए ध्वनि आउटपुट प्राप्त करने में किया जाता है. आजकल हेडफोन तथा माइक दोनों एक ही उपकरण में बने होते है जिसका उपयोग Output Device तथा Input device  दोनों के रूप में होता है.

कार्ड रीडर (Card Reader)

यह एक येसा Device है जिसका प्रयोग input और Output Device दोनों के लिए प्रयोग किया जाता है. इसके माध्यम से कंप्यूटर में मोजूद data , images, Vedio या Text को बाहर निकाला जा सकता है.

स्क्रीन प्रोजेक्टर (Screen Projecter)

यह एक Soft Copy  देने वाला Output Device है . Projecter कंप्यूटर स्क्रीन पर होने वाली घटनाओ ओर चित्रों (Images) तथा सूचनाओ (Information) को बड़े पर्दे पर दिखाता है. इसका उपयोग मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन के लिए किया जाता है जिसमे आवाज, चित्र, चलचित्र (Video) तथा एनीमेशन (Animation) शामिल  है. इसका प्रयोग ट्रेनिंग, मीटिंग, कांफ्रेंस आदि के दौरान या मनोरंजन के लिए एक बड़े समूह को कंप्यूटर आउटपुट दिखाने के लिए किया जाता है.

आवाज प्रतिक्रिया (Voice Response System)

इसकी सहायता से उपयोगकर्ता कंप्यूटर के साथ बातचीत कर सकते है. यह दो प्रकार का होता है –

1. आवाज पुनउत्पादन (Voice Reproduction) –  इसमें पहले से रिकॉर्ड किये गये आवाज को डिजिटल डाटा में बदलकर कंप्यूटर मेमोरी में स्टोर किया जाता है. आवश्यकतानुसार, इनमे से उपयुक्त आउटपुट का चयन कर उसे साउंड कार्ड तथा स्पीकर द्वारा ध्वनि Output  पैदा किया जाता है.

2. स्पीच सिन्थेसाइजर (Speech Synthesizer) – इसकी सहायता से लिखित सूचना को आवाज में बदला जाता है तथा विभिन्न भाषाओ का अनुवाद भी किया जा सकता है

voice response system के लिए माइक्रोफोन, स्पीकर या हेडफोन, साउंड कार्ड तथा सम्बंधित सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है. इसका बेहतरीन उपयोग दृष्टिबधितो तक सूचना पहुँचाने में किया जा रहा है. विडिओ गेम, अलार्म घडी, खिलौने, घरेलु उपकरण आदि में भी इसका प्रयोग किया जाता है.

 

वीडियो/ विजुअल डिस्प्ले टर्मिनल (Video / Visual Display Terminal)

मॉनिटर एक लोकप्रिय Output Device है जबकि कीबोर्ड एक मुख्य Input Device है. कीबोर्ड द्वारा टाइप किया जाने वाला डाटा या निर्देश मॉनिटर पर प्रदर्शित होता है. मॉनिटर तथा कीबोर्ड को एक साथ Visual Display Terminal (VDT) कहा जाता है.

Terminal येसा Device है, जिसके द्वारा हम कंप्यूटर में डाटा व इनफार्मेशन  डालने और कंप्यूटर द्वारा प्राप्त परिणामो को पर्दर्शित करने का कम करते है. नेटवर्क में टर्मिनल वह स्थान है जहा संचार माध्यम का अंत हो जाता है.

कंप्यूटर टर्मिनल तीन प्रकार के होते है –

  • डंब टर्मिनल : ऐसे टर्मिनल की स्वयं की प्रोसेसिंग (CPU) तथा स्टोरेज क्षमता (Memory) नही होती है. यह प्रोसेसिंग तथा स्टोरेज के लिए मुख्य कंप्यूटर पर निर्भर रहता है.
  • स्मार्ट टर्मिनल : ऐसे टर्मिनल में सिमित अर्थो में स्वयं की प्रोसेसिंग क्षमता (CPU) होती है, पर कोई स्टोरेज क्षमता (Memory) नही होती
  • इंटेलिजेंट टर्मिनल : ऐसे टर्मिनल में स्वयं की प्रोसेसिंग क्षमता (CPU/ micro Processer) तथा स्टोरेज क्षमता (Memory) दोनों होती है.

आउटपुट पोर्ट (Output Port)

कंप्यूटर में Output Devices  तथा अन्य पेरीफेरल Devices  को जोड़ने के लिए मदरबोर्ड पर स्थान बने होते है जिन्हें इनपुट / आउटपुट पोर्ट कहा जाता है.

1. सीरियल पोर्ट

मदरबोर्ड पर बने इस पोर्ट द्वारा एक बार में एक बिट डाटा का स्थानान्तरण किया जाता है. इसे सीरियल डाटा स्थानान्तरण करते है. इसमें डाटा स्थानांतरण की गति धीमी होती है. सीरियल पोर्ट RS -232 मानकों पर आधारित होते है. सीरियल पोर्ट का प्रयोग कर मॉडेम, बार कोड रीडर, माउस, डिजिटल कैमरा आदि को कंप्यूटर से जोड़ा जाता है.

2. पैरालेल पोर्ट

पैरालेल पोर्ट में 25 पिन का कनेक्टर होता है जिसमे एक साथ 8 बिट या अधिक डाटा का आदान – प्रदान किया जा सकता है. पैरालेल पोर्ट की गति तीव्र होती है. इसे उन डिवाइसेस को जोड़ा जाता है जिनमे डाटा स्थानान्तरण के लिए ज्यादा बैंड विड्थ की जरुरत पड़ती है. सामान्यतः प्रिंटर को पैरालेल पोर्ट से जोड़ा जाता है, अंत: इसे प्रिंटर पोर्ट भी कहा जाता है.

3. यूएसबी पोर्ट

यूएसबी पोर्ट एक एक्सटर्नल बस है जो लगभग सभी पेरिफेरल डिवाइसेस को कंप्यूटर से जोड़ने में सक्षम है. कंप्यूटर को बिना रिस्टार्ट किए किसी डिवाइस को यूएसबी पोर्ट के साथ जोड़कर प्रयोग किया जा सकता है. इसे Plug and Play का गुण कहा जाता है.

यूएसबी पोर्ट को सीरियल तथा पैरालल पोर्ट के विकल्प के रूप में बनाया गया है. यह प्रिंटर, कीबोर्ड, माउस, कैमरा, स्केनर, फ्लैश मेमोरी या पेन ड्राइव आदि को कंप्यूटर से जोड़ता है.

Conclusion

मुझे पूर्ण विश्वास है की आपको ये पोस्ट Output Device kya hai जरुर पसंद आया होगा . हमने कोशिश की है की आपको output Device से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी को आपके साथ Share करे. इस पोस्ट के जरिये हमने ‘आउटपुट डिवाइस क्या है ’  और इसके प्रकार सहित इसके सभी भागो की जानकारी आपको दी है .

उम्मीद है आप इस जानकारी को  अपने मित्रो के साथ जरुर Share करेंगे.

(धन्यवाद)

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