Personal Computer in Hindi क्या है ? पूरी जानकारी Hindi में

By | April 19, 2020
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Personal computer in Hindi –   इस  पोस्ट के माध्यम से  आप  कंप्यूटर से जुडी विभिन्न बातो को जानेंगे .  Computer एक Electronicl Device  या  डिजिटल मशीन  है . जो User  के द्रवारा दिये गए  instruction को महत्वपूर्ण सुचना  में बदलता है . Size और Capacity  के आधार पर Computer  के कई प्रकार है, पर  क्या आप जानते है  PC क्या है ?  इसके कितने भाग होते है? और इसके Unit क्या है?

पर्सनल कंप्यूटर को व्यक्तिगत कंप्यूटर भी कहते है जिसका इस्तेमाल हम अपने घर और Office में करते है. दोस्तों आपके बहुत सारे प्रश्नों के जवाब भी इस पोस्ट में आपको मिल जायेंगे. तो चलिये इसे विस्तार से जानते है और समझते है, की Personal Computer किसे कहते है Hindi से.

 

पर्सनल कंप्यूटर क्या है? (What is Personal Computer in Hindi)

Personal Computer व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाये गए  Digital Computer हैं, जिस पर एक बार मे एक ही व्यक्ति (Single User) कार्य कर सकता है. ” PC Means  Micro Computer  “ . पर्सनल computer को ही PC कहा जाता है. इसका उपयोग ऑफिस कार्य, डाटाबेस तैयार करने, ईमेल भेजने, इन्टरनेट से जुड़ने, वीडियो गेम खेलने, संगीत और चलचित्र देखने आदि के लिए प्रयोग किया जाता है.

पर्सनल कंप्यूटर को मॉडेम (modem) तथा संचार माध्यम द्वारा नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है. पर्सनल कंप्यूटर के लिए Microsoft और Linux  के  ऑपरेटिंग सॉफ्टवेर  प्रयोग में लाये जाते है. जो भारत में बहुत प्रचलित है .

 

पर्सनल कंप्यूटर का विकास (Development of Personal Computer Hindi)

1970 में Intel कम्पनी द्वारा पहला Micro Processor  “Intel-4004”  बनाया गया. माइक्रोप्रोसेसर के विकासक ने माइक्रो कंप्यूटर को जन्म दिया. 1981 में IBM – International Business machine नामक कंपनी ने पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer) PC का निर्माण किया जिसे IBM-PC कहा गया. बाद में बनने वाले पीसी IBM  – PC compatible कहलाये, अर्थात वे कार्य में IBM PC जैसे ही है तथा उन पर वे सभी कार्यक्रम चलाये जा सकते है जो IBM PC पर चलते है.

 

Personal computer के प्रकार (Types of Personal computer in Hindi)

वर्तमान में प्रचलित पर्सनल कंप्यूटर को मदरबोर्ड की डिजाइन के आधार पर इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है

1. Advanced technology ( PC-AT)

2. Advanced technology Extended (Personal computer -ATX ) 

3.  Pentium Personal computer

 

पर्सनल कंप्यूटर के उदाहरण (Personal Computer in Hindi)

पर्सनल कंप्यूटर जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है उनको उनके आकार के आधार पर विभक्त किया गया है –

1. Desktop Computer – डेस्कटॉप कंप्यूटर डेस्क या टेबल पर रखे जाने वाले कंप्यूटर होते है. इस तरह के कंप्यूटर कई भागो से मिलकर बनते है जिसमे एक मॉनिटर, कीबोर्ड,सिस्टम यूनिट और एक प्रिंटर होता है.ये Portable नही होता इसके भागो को आसानी से upgrade या बदला जा सकता है.

2. Laptop Computer – लैपटॉप कंप्यूटर कम वजन वाले Personal computer होते है. Laptop कंप्यूटर डेस्कटॉप Computer की तुलना में छोटे होते है. लैपटॉप कंप्यूटर को खास करके यात्रा के लिए Design किया गया है. इसे Notebook Computer भी कहते है और ये Portable होते है इसके Parts को आसानी से बदला नही जा सकता. लैपटॉप कंप्यूटर में पॉवर के लिए अलग से battery दी जाती है.

3. Handheld computer – हेंडहेल्ड कंप्यूटर डेस्कटॉप या लैपटॉप कंप्यूटर की तुलना में छोटे और कुछ कम विशेषता वाले होते है. इसमे वर्ड प्रोसेसिंग की सुबिधा होती है और इन्टरनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है.

4. Tablet Computer – टेबलेट कंप्यूटर छोटे होते है और इसमे माउस या कीबोर्ड जोड़ने की सुविधा नही होती . इस प्रकार के कंप्यूटर Screen-Touch होते है जिससे सीधे स्क्रीन में लिखा जाता है.

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पर्सनल कंप्यूटर(PC) के भाग (Parts of Personal Computer in Hindi)

वर्तमान PC (Personal computer in Hindi) के प्रमुख भाग  –

सिस्टम यूनिट (System Unit)

मॉनीटर (Monitor)

की-बोर्ड (Key Board)

माउस(Mouse)

हार्ड डिस्क (Hard Disk Drive)

 

मल्टीमीडिया के प्रयोग के लिए कुछ प्रमुख भाग है – (Personal Computer in Hindi)

सीडीरोम ड्राइव (CD ROM Drive)

स्पीकर (Speaker)

माइक (Mike)

मॉडेम (Modem)

वेब कैम (Web Cam)

 

Personal computer  के अन्य भाग है –

प्रिंटर (Printer)

फ्लोपी ड्राइव (Floppy Drive)

स्केनर (Scanner)

ज्वास्टिक (Joystick)

कंप्यूटर को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के लिए प्रमुख भाग है –

यूपीएस (UPS – Uninterrupted Power Supply)

 

PC का सिस्टम यूनिट (System Unit of Personal Computer in Hindi)

यह Personal Computer का मुख्य भाग है. computer  द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्य यही संचालित होते है. यह विभिन्न System Software और Application System द्वारा नियंत्रित किया जाता है. पीसी के अन्य सभी भाग इसी से जुड़े रहते है.

बाह्य संरचना के आधार पर यह दो प्रकार का होता है –

1. डेस्कटॉप टाइप (Desktop Type) – इसमें सिस्टम यूनिट का चोकोर बोक्स टेबल पर पड़ा रहता है तथा मोनिटर उसके ऊपर रखा जाता है.

2. टावर टाइप (Tower Type) – इसमें सिस्टम यूनिट का बाक्स टेबल पर सीधा खड़ा रहता है तथा मोनिटर उसके बगल में रखा जाता है. वर्तमान में यह Personal Computer अधिक प्रचलित है.

 

सिस्टम यूनिट के मुख्य भाग (Main Parts of System Unit in Personal Computer in Hindi)

1. कंप्यूटर कैबिनेट (Computer Cabinet) – कंप्यूटर कैबिनेट प्लास्टिक या एल्युमिनियम का बना एक बोक्स होता है. कंप्यूटर सिस्टम यूनिट के सभी Parts  इसी के अन्दर स्थापित किए जाते है. यह सिस्टम यूनिट के बाहरी संरचना का निर्माण करता है.

 

2. पावर सप्लाई यूनिट (Power Supply Unit) – इसे घरेलु बिजली से 220 AC सप्लाई दी जाती है  जिसे यह कंप्यूटर में प्रयोग के लिए +_ 5 वोल्ट और 12 वोल्ट DC सप्लाई में बदल देता है. कंप्यूटर के इलेक्ट्रोनिक घटकों को +_ 5 V सप्लाई दी जाती है. जबकि इसके मोटर, पंखे आदि को 12 वोल्ट को सप्लाई दी जाती है. यह कंप्यूटर को उच्च व निम्न वोल्टेज की गड़बड़ियो से बचाता है. इसे ठंडा  रखने के लिये     एक पंखा (Fan) लगा रहता है. इसके लिए Personal Computer में एसएमपीएस (SMPS – Switch mode power Supply) का प्रयोग किया जाता है.

 

3. मदरबोर्ड (Mother Board) – यह प्लास्टिक का बना पीसीबी (PCB – Print Board) होता है. जिसमे धातु की पतली रेखाओ द्वारा यह दो उपकरणों के बीच सम्बन्ध स्थापित करता है. यह (Personal Computer in Hindi) कंप्यूटर का मुख्य पटल (Main Board) होता है.

सम्पूर्ण कंप्यूटर पार्ट्स मदरबोर्ड से ही जुडा होता है System Unit के सभी उपकरण मदरबोर्ड से ही जुड़े होते है मदरबोर्ड पर माइक्रोप्रोसेसर लगाने का स्थान भी बना रहता है.

इस पर बनी धातु की पतली रेखाए जिन्हें System Bus कहते है, जिनके माध्यम से मदरबोर्ड पर बने विभिन्न उपकरणों के बीच संकेतो का आदान – प्रदान होता है.

 

4. सीपीयू (CPU- Central Processing Unit) – इसे माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor) भी कहा जाता है यह एक चिप होता है जो कंप्यूटर के विभिन्न उपकरणों का नियंत्रण तथा समन्वय करता है. कार्यो को नियंत्रण करने के लिए इसमें कंट्रोल यूनिट (Control Unit) तथा अंकगणितीय गणनाओ और कुछ लोजिकल (Logical) कार्यो के लिए अरिथमेटिक लोजिकल यूनिट (ALU – Arithmetic Logic Unit ) रहता है. CPU को Personal Computer in Hindi (PC) का brain भी कहते है.

 

5. मैथ कोप्रोसेसर (Math Co processor) – गणित के कार्यो को करने तथा सीपीयू की सहायता के लिए मैथ को-प्रिसेसर का उपयोग किया जाता है. नये माइक्रो प्रोसेसर में इसे अलग से लगाने की जरुरत नही होती है.

6. रैम चिप (RAM Chip) – मदरबोर्ड पर रेम चिप लगाने के खाने बने रहते है, जिसमे आवश्यकतानुसार रेम चिप लगाये जा सकते है. यहाँ कार्य के दोरान डाटा व प्रोग्राम को अस्थाई तोर पर रखा जाता है.

 

7. रोम चिप (ROM Chip) – निर्माण के समय ही इसमे डाटा डालकर पीसी के मदरबोर्ड पर स्थायी तोर पर लगा दिया जाता है. इस चिप पहले से ही कंपनी द्वारा प्रोग्राम  किये गये  Data   रखे जाते है, जिनकी आवश्यकता पीसी को Start  करने में होती है.

बायोस (BIOS – Basic Input Output System) सॉफ्टवेयर स्थायी रोम चिप में ही स्टोर किया जाता है.

 

8. वीडियो डिस्प्ले कार्ड (Video display card) – Video (वीडियों) तथा चित्र (Graphics ) को मॉनिटर पर दिखने के लिए यह कार्ड मदरबोर्ड पर लगाया जाता है. इसमें वीजीए (VGA- Video Graphic Array) या एसवीजीए (SVGA – Super video Graphics Array) का प्रयोग किया जाता है.

 

9. साउंड कार्ड (Sound card) – Personal Computer में ध्वनि के डिजिटल सूचनाओ को विद्युत संकेतो में बदलने की लिए इस card को मदरबोर्ड पर बने खाने में लगाया जाता है. बहरी स्पीकर (External Speaker) इसी कार्ड से जोड़ा जाता है.

 

10. डिस्क ड्राइव कंट्रोल कार्ड (Disk Drive Control Card) – यह कार्ड फ्लोपी तथा हाई डिस्क ड्राइव की मोटरों तथा उनसे डाटा के आने जाने पर नियंत्रण के लिए मदरबोर्ड पर लगाया जाता है.

 

11. आउटपुट एडाप्टर कार्ड (Output Adapter Card) – यह मेमोरी तथा आउटपुट डिवाइस (मोनिटर व प्रिंटर) के बीच समन्वय का कार्य करता है

 

12. स्पीकर (Speaker) – सिस्टम यूनिट के अन्दर कुछ ध्वनि संकेत उन्पन्न करने के लिए स्पीकर लगा रहता है.

 

13. टाइमर (Timer) – यह मदरबोर्ड पर लगा रहता है तथा घडी की तरह कार्य करता है. इसे एक बटन बैटरी से सप्लाई दी जाती है ताकि कंप्यूटर बंद हो जाने पर भी घडी कार्य करती है.

 

14. एक्सपेंशन कार्ड (Expansion card) – मदरबोर्ड पर किसी अन्य उपकरण को जोड़ने या भविष्य में प्रयोग के लिए खाने बने रहते है जिन्हें एक्सपेंशन कार्ड कहते है.

 

15. यूएसबी (Universal Serial Bus) – यह कंप्यूटर तथा उसके किसी उपकरण (Device) के बीच संचार स्थापित करने की एक व्यवस्था है. इस वयवस्था द्वारा लगभग सभी कंप्यूटर उपकरण जैसे – माउस, की-बोर्ड, प्रिंटर, डिजिटल केमरा, Secondary Memory आदि को सीपीयू से जोड़ा जा सकता है, अंत इसे Universal Serial Bus कहते है इसका प्रयोग Personal Computer के अलावा अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों में भी लोकप्रिय हो रहा है. इसी कारण, आजकल PC (Personal Computer in Hindi)  में एक से अधिक यूएसबी पोर्ट होते है.

 

16. Hard Disk Drive (हार्ड डिस्क ड्राइव) – हार्ड डिस्क Personal Computer का मुख्य भाग है. यह कंप्यूटर का मुख्य भंडारण युक्ति (Secondary मेमोरी) होती है जिसमे सुचनावो का भंडारण किया जाता है.

 

17. CD/ DVD Drive (सीडी/डीवीडी ड्राइव) – CD (compact disk) तथा DVD (digital Versatile Disk) का उपयोग personal computer में store की गयी सुचनावो को पढने के लिये किया जाता है.

 

18. Monitor ( मोनिटर ) Hindi में – मॉनिटर Personal Computer का प्रमुख Output Device है. मोनिटर कंप्यूटर में चल रहे कार्यो को दिखता है. इसके कुछ प्रकार है – CRT – Cathode Ray Tube मोनिटर , LCD – Liquid Crystal Display मोनिटर तथा LED – Light Emitting Diode मोनिटर. आज कल LED – Light Emitting Diode मोनिटर का प्रयोग होता है.

 

19. Mouse ( माउस) – यह Personal Computer (PC) का लोकप्रिय input Device है जिसे Cabinet के पिछले हिस्से में PS/2 port में जोड़ा जाता है . आज कल USB Mouse का प्रचलन है.माउस का इस्तेमाल Personal computer में आदेश देने के लिए का Close करने के लिए किया जाता है.

 

20. Key-Board (की-बोर्ड) – कीबोर्ड Personal computer का मुख्य Input Device है. जिसमे हम Hindi तथा इंग्लिश सहित बहुत सारी भाषावो में टाइप किया जा सकता है. PC में Word processing के लिए keyboard आवश्यक है.

 

21. Modem (मॉडेम) – Personal या व्यक्तिगत कंप्यूटर को टेलीफ़ोन लाइन के सहारे इन्टरनेट से जोड़ने के लिए इसका उपयोग किया जाता है. मॉडेम – Modulator – Modulator का संछिप्त रूप है. ये कंप्यूटर में आने वाली analog signals को Digital Signals  में बदलती है. इसे नेटवर्क Port के ज़रिये जोड़ा जाता है.

 

22. UPS ( यूपीएस) – UPS – Uninterrupted Power Supply,बिजली की Supply बंद हो जाने से बचाता है. इसमे रेचार्जिबल Battery लगी होती है. यह ध्वनि संकेतो द्वारा Personal computer को बंद करने की संकेत देता है.

 

Conclusion

दोस्तों उम्मीद है आपको ये पोस्ट Personal Computer in Hindi से पसंद आया होगा. हमने आपकी अवाश्य्क्तावो को ध्यान में रख कर इस पोस्ट को लिखा है.  अगर आपको कोई सुझाव देना हो तो Please comment में जरुर लिखे. ताकि हम सुधार कर सके. आशा है आप इस पोस्ट Personal Computer in Hindi को आप अपने करीबी मित्रो के साथ जरुर Share करेंगे.           ( धन्यवाद )

 

 

 

 

 

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